Tuesday, July 4, 2023

सिवाय एक मेरे

एक घर था एक दुआ थी 
मैंने मांगी थी या उसने दी थी 
मैं भूल चुकी थी रास्ते 
और घर डूब चुका था 

बारिशों के इस शहर में मैंने अकेले जीना सीखा 
सुक़ून कमाना 
और तब आये तुम
क्यों?